बाइबल को समझना- पहला भाग 01
भाग पहला ========================== बाइबल को समझना बाइबिल यीशु मसीह को जगत का उद्धारकर्ता के रूप में चित्रित करती हैं | बाइबिल परमेश्वर का लिखित प्रकाशन हैं जिसमे मनुष्यों के लिए इच्छा प्रकट होती है ’’ (यानि बाइबिल पढ़ क्र परमेश्वर की इच्छा को जान सकते है) इसका मूल्य विषय ‘ प्रभु यीशु मसीह के द्वारा उद्धार हैं ’ | बाइबिल 66 छोटी-छोटी पुस्तको से मिलकर बनी हैं एक पुस्त्काले (पुरे बाइबिल में 66 पुस्तके पाए जाते हैं) और यह 40 लेखकों द्वारा लिखी गई और इसको लिखने में लगभग 1600 वर्ष लगे! यह दो भागो में पाया जाता हैं 1. पुराना नियम -(पुस्तके 39) 2. नया नियम ( पुस्तके 27) 1. नियम का अर्थ हैं ’ वाचा ’ या ‘ सहमति ’ | पुराना नियम वह वाचा हैं जिसे परमेश्वर में मसीह के आगमन से पूर्व मानुष्य से उसके उद्धार के लिए बाँधी थी | 2. नया नियम वह वाचा है (सहमति) है जिसे परमेश्वर ने मसीह के आगमन के पश्चात् मनुष्य से उसके उद्धार के लिए बाँधी हैं | पुराना नियम में हम व्यवस्था की वाचा...