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बाइबिल की कुछ जानकारियां

किताबों की संख्या: 39 अध्याय: 929 वचन: 23,114 शब्द: 602,585 अक्षर:2,278,100 बीच की किताब: नीतिवचन मध्य अध्याय:अय्यूब 20 मध्य वचन:2 इतिहास:20:17,18 सबसे छोटी पुस्तक:ओबद्दाह सबसे छोटा वचन:1 इतिहास:1:25 सबसे लंबा वचन:एस्तेर 8: 9 सबसे लंबा अध्याय:भजन संहिता 119 नया नियम आंकड़े:  --------------- पुस्तकों की संख्या: 27 अध्याय :260 वचन: 7,957 शब्द: 180,552 अक्षर:838,380 मध्य पुस्तक: 2 थिस्सलुनीकियों मध्य अध्याय:रोमियो 8,9 मध्य वचन:प्रेरितों के काम 27:17 सबसे छोटी पुस्तक: 3 यूहन्ना सबसे छोटा वचन:यूहन्ना 11:35 सबसे लंबा वचन: प्रकाशित वाक्य:20:4 सबसे लंबा अध्याय: लूका 1 *†* * लगभग 40 लेखकों द्वारा लिखित *1,600 वर्षो की अवधि में लिखा गया *तीन भाषाओं में लिखे गए हिब्रू, ग्रीक, अरामी *विभिन्न स्थानों में लिखे गए: जंगल, महल, जेल, निर्वासन में, घर पर *सभी व्यवसायों के पुरुषों द्वारा लिखित: किंग्स, किसान, डॉक्टर, मछुआरे, कर संग्रहकर्ता, विद्वान आदि *अलग-अलग समय में लिखे गए: युद्ध, शांति, गरीबी, समृद्धि, स्वतंत्रता और गुलामी    

जीवन यात्रा

            अपनी पुस्तक The Call में ऑस गिन्निस इंग्लैंड के भूतपूर्व प्रधानमंत्री ,  विंस्टन चर्चिल के जीवन की एक घटना बताते हैं। चर्चिल अपने मित्रों के साथ दक्षिणी फ्रांस में मित्रों के साथ थे। एक ठंडी रात्रि के समय वे आग के पास बैठे हुए थे ,  और आग में पड़े हुए चीढ़ के लट्ठों को जलते हुए सुन रहे थे; उनके जलने से उनमें से कड़कने, चटकने और फुसफुसाने की आवाज़ें आ रही थीं। अचानक ही उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में गुर्राती हुई सी आवाज़ में कहा ,  “मैं समझ सकता हूँ कि ये लट्ठे इस प्रकार की आवाजें क्यों निकाल रहे हैं ;  मैंने भी जलन का अनुभव किया है।”           हमारी जीवन यात्रा में कठिनाइयाँ ,  निराशाएं ,  खतरे ,  विपत्तियाँ ,  हमारी अपनी गलतियों का परिणाम हो सकते हैं, किन्तु फिर भी वे हमें जलन देने वाले अनुभव हो सकते हैं। ऐसी परिस्थितियाँ ,  धीरे-धीरे हमारे हृदय में से शान्ति और आनन्द को छीन लेती हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि ज...

क्या आपको अनन्त जीवन प्राप्त हुआ?

यह सन्देश परमेश्वर और यीशु मसीह पर क्यों विश्वास करना चाहिए |                       #जानने में आपकी मदद करेगी।# बाइबल अनन्त जीवन की ओर एक स्पष्ट मार्ग को प्रस्तुत करती है। सबसे पहले, हमें यह जान लेना चाहिये कि हमने परमेश्वर के विरुद्ध पाप किया है : "इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित है" (रोमियों 3:23)।  हम सब ने ऐसे कार्य किये हैं जो परमेश्वर को अप्रसन्न करते हैं, जो हमें सजा प्राप्त होने का पात्र बनाते हैं। क्योंकि हमारे सारे पाप आखिरकार एक परमेश्वर के विरुद्ध हैं, इसलिए केवल एक अनन्तकालीन दण्ड ही पर्याप्त है। बाईबल कहती हैं= "पाप की मज़दूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है" (रोमियों 6:23)। परन्तु फिर भी, यीशु मसीह, जो पाप रहित था (1पतरस 2:22)  परमेश्वर का अनन्त पुत्र एक मनुष्य बना (यूहन्ना 1:1; 14) और हमारे जुर्माने को चुकाने के लिये मर गया। "परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रकट करता है, कि जब हम पापी ही थे, तभी मसीह हमारे लिये मरा" (...

खुदा कहां रहता है

 *( खुदा कहां रहता है )* कोई कहता है कि खुदा इजराइल में रहता है। कोई कहता है खुदा चर्च में रहता है। कोई कहता है कि खुदा कहीं नहीं है। पर हम क्या सोचते हैं। क्या जानते हैं कि, खुदा कहां रहता है। *खुदा ने अपनी वाचा राजा सुलेमान के साथ बांधी थी, जब राजा सुलेमान ने खुदा के नाम का एक भवन बनवाया, और कहा था कि इस स्थान पर जो प्रार्थना की जाए उसको खुदा जरूर सुनना।* और खुदा ने उसकी बात को, उसकी प्रार्थना को सुना था। पर जब यीशु मसीह ने क्रूस पर अपनी जान दे दी थी। तब मंदिर का पर्दा फट गया था। और खुदा अपनी वाचा से भी छूट गया था । खुदा किसी भी इंसान द्वारा बनाए घर में नहीं रहता। *खुदा ने जो अपने हाथ से बनाया। खुदा ने जिसकी रचना अपने हाथों से कि, खुदा ने जिसको अपने शक्ल सूरत और समानता में बनाया, खुदा उसमें रहता है। खुदा का आत्मा उसके अंदर वास करता है।* इस बात का हमको और हमारे घराने को, और हमारे बच्चों को भी पता होना चाहिए। और खुदा का वचन पता होना चाहिए। *क्या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है? (1 कुरिन्थियों 3:16)* हम लोग खुदा का मंदिर हैं। खु...

क्या परमेश्वर सब कुछ जान सकता हैं

  जय मसीह की   आज का इंसान जैसा बाहर से दिखता है वैसा अंदर से नहीं है आज का हर इंसान दोहरी छवि रखता है !आज हम दुनिया के सामने साफ़ सुथरे दिखने की कोशिश करते है परन्तु गौर करने की बात यह है की परमेश्वर के सामने हमारी छवि कैसी है ? क्या हमारी छवि परमेश्वर के सामने साफ़ सुथरी है ? मेरे भाइओं और बहनो याद रखिये हम परमेश्वर से कुछ भी छुपा नहीं सकते हम अपने आप को समाज तथा अन्य लोगों के सामने कितना भी अच्छा दिखाएं, परन्तु परमेश्वर हमारी वास्तविक दशा को, हमारे मन को भलि-भांति जानता है- *"यहोवा की आंखें सब स्थानों में लगी रहती हैं, वह बुरे भले दोनों को देखती रहती हैं।"* नीतिवचन 15:3 *"परन्तु यहोवा ने शमूएल से कहा, न तो उसके रूप पर दृष्टि कर, और न उसके डील की ऊंचाई पर, क्योंकि मैं ने उसे अयोग्य जाना है; क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है।"* 1शमूएल 16:7 प्रभु यीशु मसीह ने भी अपने समय के धर्म गुरु फरीसियों की ऐसा ही दोचिता जीवन जीने के लिए भर्त्सना करी। बहुत से फरीसी समाज के सामने अपनी धार्मिकता का प्रद...

क्या आप बुराई के बदले भलाई कर सकते हैं?

"यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला;... ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा।" - रोमियो 12:20 अमेरिका देश का 16 वा प्रेसिडेंट अब्राहमलिंगन बहुत प्रतिभा व्यक्ति थे। वह साधारण व्यक्ति और प्रेम से किसी को भी अपने वश में करने वाले थे। इसलिए उनको डरपोक और मूर्ख करके लोग मजाक उड़ाते थे। उनको राजनीति में एक बहुत बड़ा विरोधी थे एडविन M.स्टासस्टन करके व्यक्ति लिंगन का स्वरूप को देखकर बहुत मजाक उड़ाता था | लिंगन बंदर से भी गंदा है करके बातों से उनको बहुत घायल करता था | लेकिन एक बार लिंगन जो है स्टासस्टन को बुलाकर उनका प्रतिभा के लिए बधाई देकर युद्ध को चलाने का नेतृत्व पद में रख दिया | इतना अच्छा आदत वाला इंसान को मैं गलत बोल दिया हूं करके लज्जित हो गए एडविन |  रोमियो 12 अध्याय पूरा में पौलुस  एक नया सृष्टि किया गया मसीही व्यक्ति कैसे कैसे रहना है करके सूचना बताता है | प्रतिदिन का जिंदगी में एक मसीही व्यक्ति का सोच विचार, बातचीत, चाल चलन कैसे होना चाहिए करके इस अध्याय को रोज हम पढ़कर अपने को नया कर सकते हैं | खास करके बैर रखने वालों को भी जरूरत को जानकर मदद करना चा...

क्या आप विश्वासयोग्य हैं ??

क्या आप विश्वासयोग्य भंडारी हैं? गिनती १२. कहा में ख़ुदा ने मूसा के लिए कहा --- वह मेरे सभी घरानों में इम्फरार्ड है [हिंदी में विश्वासयोग्य है}} | इक्शनदार वो होता है, जो दूसरे की अमानत की हिफाज़त करता है | आज मैं आपके सामने एक ख़ास विषय पेश कर रहा हूँ | यदि विषय को गहराई से समझा जाए, तो सोच बदल सकती है | पहला --- समोपदेशक १२.७ में लिखा है ---- रूह ख़ुदा के पास जिसने उसे दिया है वह लौट आएगा आपकी आत्मा आपकी नहीं, बल्कि आपके पास ख़ुदा की प्राप्ति है | आप लापरवाही से ज़िन्दगी नहीं जी सकते हैं, अपनी रूह को शैतान से महफूज़ {सुरक्षित} रखिये | येशू ने सलीब पर कहा - मैं अपनी रूह तुम्हारी हांथों में सौंपता हूँ | दूसरा --- किसी भी धर्मवैज्ञानिक का कथन है --- बच्चे हमारे नहीं है, ये हमारे पास ख़ुदा की प्राप्ति हैं | माँ बाप अगर सांसारिक हैं, तो बच्चे भी सांसारिक हो जाते हैं | माँ बाप अगर चर्च से दूर हैं, तो बच्चे भी दूर हो जाते हैं | माँ बाप अगर आस्तिक और रूहानी नहीं हैं, तो बच्चों का रूहानी होना नामुमकिन हैं | बच्चे दुनियाँ में खो ना जाएँ, वरना इंसाफ़ के दिन आप क्या जवाब देंगे? क्या ख़ुदा आपको क...