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Showing posts from 2020

खुदा कहां रहता है

 *( खुदा कहां रहता है )* कोई कहता है कि खुदा इजराइल में रहता है। कोई कहता है खुदा चर्च में रहता है। कोई कहता है कि खुदा कहीं नहीं है। पर हम क्या सोचते हैं। क्या जानते हैं कि, खुदा कहां रहता है। *खुदा ने अपनी वाचा राजा सुलेमान के साथ बांधी थी, जब राजा सुलेमान ने खुदा के नाम का एक भवन बनवाया, और कहा था कि इस स्थान पर जो प्रार्थना की जाए उसको खुदा जरूर सुनना।* और खुदा ने उसकी बात को, उसकी प्रार्थना को सुना था। पर जब यीशु मसीह ने क्रूस पर अपनी जान दे दी थी। तब मंदिर का पर्दा फट गया था। और खुदा अपनी वाचा से भी छूट गया था । खुदा किसी भी इंसान द्वारा बनाए घर में नहीं रहता। *खुदा ने जो अपने हाथ से बनाया। खुदा ने जिसकी रचना अपने हाथों से कि, खुदा ने जिसको अपने शक्ल सूरत और समानता में बनाया, खुदा उसमें रहता है। खुदा का आत्मा उसके अंदर वास करता है।* इस बात का हमको और हमारे घराने को, और हमारे बच्चों को भी पता होना चाहिए। और खुदा का वचन पता होना चाहिए। *क्या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है? (1 कुरिन्थियों 3:16)* हम लोग खुदा का मंदिर हैं। खु...

क्या परमेश्वर सब कुछ जान सकता हैं

  जय मसीह की   आज का इंसान जैसा बाहर से दिखता है वैसा अंदर से नहीं है आज का हर इंसान दोहरी छवि रखता है !आज हम दुनिया के सामने साफ़ सुथरे दिखने की कोशिश करते है परन्तु गौर करने की बात यह है की परमेश्वर के सामने हमारी छवि कैसी है ? क्या हमारी छवि परमेश्वर के सामने साफ़ सुथरी है ? मेरे भाइओं और बहनो याद रखिये हम परमेश्वर से कुछ भी छुपा नहीं सकते हम अपने आप को समाज तथा अन्य लोगों के सामने कितना भी अच्छा दिखाएं, परन्तु परमेश्वर हमारी वास्तविक दशा को, हमारे मन को भलि-भांति जानता है- *"यहोवा की आंखें सब स्थानों में लगी रहती हैं, वह बुरे भले दोनों को देखती रहती हैं।"* नीतिवचन 15:3 *"परन्तु यहोवा ने शमूएल से कहा, न तो उसके रूप पर दृष्टि कर, और न उसके डील की ऊंचाई पर, क्योंकि मैं ने उसे अयोग्य जाना है; क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है।"* 1शमूएल 16:7 प्रभु यीशु मसीह ने भी अपने समय के धर्म गुरु फरीसियों की ऐसा ही दोचिता जीवन जीने के लिए भर्त्सना करी। बहुत से फरीसी समाज के सामने अपनी धार्मिकता का प्रद...

क्या आप बुराई के बदले भलाई कर सकते हैं?

"यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला;... ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा।" - रोमियो 12:20 अमेरिका देश का 16 वा प्रेसिडेंट अब्राहमलिंगन बहुत प्रतिभा व्यक्ति थे। वह साधारण व्यक्ति और प्रेम से किसी को भी अपने वश में करने वाले थे। इसलिए उनको डरपोक और मूर्ख करके लोग मजाक उड़ाते थे। उनको राजनीति में एक बहुत बड़ा विरोधी थे एडविन M.स्टासस्टन करके व्यक्ति लिंगन का स्वरूप को देखकर बहुत मजाक उड़ाता था | लिंगन बंदर से भी गंदा है करके बातों से उनको बहुत घायल करता था | लेकिन एक बार लिंगन जो है स्टासस्टन को बुलाकर उनका प्रतिभा के लिए बधाई देकर युद्ध को चलाने का नेतृत्व पद में रख दिया | इतना अच्छा आदत वाला इंसान को मैं गलत बोल दिया हूं करके लज्जित हो गए एडविन |  रोमियो 12 अध्याय पूरा में पौलुस  एक नया सृष्टि किया गया मसीही व्यक्ति कैसे कैसे रहना है करके सूचना बताता है | प्रतिदिन का जिंदगी में एक मसीही व्यक्ति का सोच विचार, बातचीत, चाल चलन कैसे होना चाहिए करके इस अध्याय को रोज हम पढ़कर अपने को नया कर सकते हैं | खास करके बैर रखने वालों को भी जरूरत को जानकर मदद करना चा...

क्या आप विश्वासयोग्य हैं ??

क्या आप विश्वासयोग्य भंडारी हैं? गिनती १२. कहा में ख़ुदा ने मूसा के लिए कहा --- वह मेरे सभी घरानों में इम्फरार्ड है [हिंदी में विश्वासयोग्य है}} | इक्शनदार वो होता है, जो दूसरे की अमानत की हिफाज़त करता है | आज मैं आपके सामने एक ख़ास विषय पेश कर रहा हूँ | यदि विषय को गहराई से समझा जाए, तो सोच बदल सकती है | पहला --- समोपदेशक १२.७ में लिखा है ---- रूह ख़ुदा के पास जिसने उसे दिया है वह लौट आएगा आपकी आत्मा आपकी नहीं, बल्कि आपके पास ख़ुदा की प्राप्ति है | आप लापरवाही से ज़िन्दगी नहीं जी सकते हैं, अपनी रूह को शैतान से महफूज़ {सुरक्षित} रखिये | येशू ने सलीब पर कहा - मैं अपनी रूह तुम्हारी हांथों में सौंपता हूँ | दूसरा --- किसी भी धर्मवैज्ञानिक का कथन है --- बच्चे हमारे नहीं है, ये हमारे पास ख़ुदा की प्राप्ति हैं | माँ बाप अगर सांसारिक हैं, तो बच्चे भी सांसारिक हो जाते हैं | माँ बाप अगर चर्च से दूर हैं, तो बच्चे भी दूर हो जाते हैं | माँ बाप अगर आस्तिक और रूहानी नहीं हैं, तो बच्चों का रूहानी होना नामुमकिन हैं | बच्चे दुनियाँ में खो ना जाएँ, वरना इंसाफ़ के दिन आप क्या जवाब देंगे? क्या ख़ुदा आपको क...

बाइबल को समझना- पहला भाग 01

भाग  पहला ========================== बाइबल  को समझना बाइबिल यीशु मसीह को जगत का उद्धारकर्ता के रूप में चित्रित करती हैं | बाइबिल परमेश्वर का  लिखित प्रकाशन  हैं जिसमे मनुष्यों के लिए इच्छा प्रकट होती है ’’ (यानि बाइबिल पढ़ क्र परमेश्वर की इच्छा को जान सकते है)  इसका मूल्य विषय ‘ प्रभु यीशु मसीह के द्वारा उद्धार हैं ’ | बाइबिल  66 छोटी-छोटी पुस्तको से मिलकर बनी हैं एक पुस्त्काले  (पुरे बाइबिल में  66  पुस्तके  पाए जाते हैं) और यह 40 लेखकों द्वारा लिखी गई और इसको लिखने में लगभग 1600 वर्ष लगे! यह  दो भागो में पाया जाता हैं 1.  पुराना नियम -(पुस्तके 39) 2.  नया  नियम ( पुस्तके 27) 1. नियम का अर्थ हैं ’ वाचा ’  या ‘ सहमति ’  | पुराना नियम वह वाचा हैं जिसे परमेश्वर में मसीह के आगमन से पूर्व मानुष्य से उसके उद्धार के लिए बाँधी थी | 2. नया नियम वह वाचा है (सहमति) है जिसे परमेश्वर ने मसीह के आगमन के पश्चात् मनुष्य से उसके उद्धार के लिए बाँधी हैं | पुराना नियम में हम व्यवस्था की वाचा...

परमेश्वर के स्वभाव को प्रकट करती हैं

               परमेश्वर  के नाम उसके स्वभाव को प्रकट करते हैं                  इब्रानी भाषा में परमेश्वर को नाम देने के लिए विभिन्न शब्दों का प्रयोग किया गया हैं |                         हिंदी भाषा में इनका अनुवाद ‘ परमेश्वर ’  या ‘ प्रभु ’  के रूप में किया गया हैं |                 निचे परमेश्वर के कुछ नाम और उनके अर्थ दिय गए हैं.                        1.  यहोवा  -------------------{स्वयं अस्तित्त्व}                     प्रथम प्रयोग सृष्टीकर्ता के रूप में किया गया... उत्त 2:4                        2.  यहोवा-यीरे ---------------{परमेश्वर स्वयं उपाय करता हैं       ...

परमेश्वर अपरिवर्तनीय हैं इसका क्या मतलब होता हैं

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अपरिवर्तनीय का अर्थ हैं == ईश्वर कभी भी बदल नहीं हैं! ईश्वर  पर भरोसा हम इसलिए करते हैं की उसने जो कहा है उसे कह रहे हैं कभी भी पीछे नहीं मुकरता हैं (वे इंसानों की तरह नहीं) भगवान के तमाम निर्णय उसकी पवित्रता, न्यायी के गुण को कभी बदल नहीं सकता है | उसके कार्य कभी भी नहीं बदल सकते हैं क्योंकि उसके कोई भी गुण किसीके गुणों के विरुध नहीं हो सकते हैं! वो खुदा इंसानों के तरह नहीं हैं जो बक्त देख कर अपने फैसले को पलट रहे हैं | लोगों के प्रश्न - जिस ईश्वर ने आकाश और पृथ्वी को अपने सामर्थ्य शव्दों से बनाया, शक्तिशाली, दयालु, प्रेमी ईश्वर हमारे पापो की क्षमा (माफ़) अपने सामर्थ्य शव्दों से क्यूँ नहीं किया है ?????? एक बात याद हो ईश्वर दयालु एवम प्रेमी हैं तो साथ में वह न्यायी भी हैं वह पाप से घृणा और पवित्रता से प्रेम करते हैं! जब आदम और हवा ने पाप किया तो उसने ईश्वर के नियम और कानून को तोडा | जिस कारण मानव पापी हो गया | सवाल यह हैं कि ईश्वर दयालु हैं तो उन्होंने यीशु मसीह को हमारे पापो के लिए क्यों मरने दिया? जैसे ----- इस दुनिया के कानून में एक न्यायीधिस पाया जाता है जो ...